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देशव्यापी जनजागरूकता अभियान- फर्जी मीडिया, ब्लैकमेल और वसूली के खिलाफ राष्ट्रीय चेतावनी

प्रस्तुतकर्ता: NCRIB Foundation

All India Public Awareness Mission

भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में पत्रकारिता को समाज का चौथा स्तंभ माना जाता है। एक सशक्त और निष्पक्ष मीडिया व्यवस्था ही जनता की आवाज़ को शासन तक पहुँचाती है, भ्रष्टाचार को उजागर करती है और समाज को जागरूक बनाती है। देशभर में हजारों ईमानदार पत्रकार दिन-रात मेहनत कर सच सामने लाने का कार्य कर रहे हैं और NCRIB Foundation उनके योगदान का सम्मान करता है।

किन्तु वर्तमान समय में एक गंभीर चुनौती उभरकर सामने आई है—कुछ असामाजिक तत्व स्वयं को “मीडिया”, “प्रेस”, “रिपोर्टर”, “न्यूज़ एजेंसी” या “डिजिटल पत्रकार” बताकर आम नागरिकों, व्यापारियों, संस्थानों और स्थानीय संगठनों पर दबाव बनाकर अवैध धन वसूली करने लगे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल कानून के विरुद्ध है बल्कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुँचा रही है।

NCRIB Foundation इस विषय को राष्ट्रीय स्तर की जनजागरूकता से जोड़ते हुए पूरे देश में नागरिकों को सतर्क रहने का आह्वान करता है।


समस्या का वास्तविक स्वरूप

देश के कई राज्यों और जिलों से प्राप्त सामाजिक फीडबैक और शिकायतों के आधार पर निम्न प्रकार की गतिविधियाँ सामने आई हैं:

  • स्वयं को पत्रकार बताकर संस्थानों पर दबाव बनाना
  • “न्यूज़ चला देंगे” या “न्यूज़ रोक देंगे” कहकर पैसे की मांग
  • फर्जी प्रेस कार्ड या पहचान पत्र दिखाना
  • वाहन पर “PRESS” लिखकर प्रभाव जमाना
  • सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी
  • विज्ञापन या सहयोग के नाम पर जबरन धन वसूली
  • छोटे व्यापारियों, स्कूलों, अस्पतालों या स्थानीय लोगों को निशाना बनाना

यह स्पष्ट रूप से पत्रकारिता नहीं बल्कि आपराधिक गतिविधि है।


कानून क्या कहता है

भारतीय कानून के अनुसार:

  • धमकी देकर पैसे लेना दंडनीय अपराध है
  • ब्लैकमेल और भयादोहन अपराध है
  • फर्जी पहचान का उपयोग अपराध है
  • मीडिया का नाम लेकर वसूली करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है

कोई भी व्यक्ति सिर्फ “प्रेस” लिखी गाड़ी, आईडी कार्ड या सोशल मीडिया पेज बनाकर कानून से ऊपर नहीं हो जाता।


NCRIB Foundation का राष्ट्रीय अभियान

NCRIB Foundation इस विषय पर All India जागरूकता मिशन शुरू करने का संकल्प लेता है, जिसका उद्देश्य है:

1. नागरिकों को जागरूक करना

लोग समझें कि:

  • हर “प्रेस” लिखने वाला व्यक्ति पत्रकार नहीं होता
  • किसी भी दबाव में आकर पैसे देना गलत है
  • कानून नागरिकों की सुरक्षा के लिए मौजूद है

2. समाज को संगठित करना

जब समाज एकजुट होता है:

  • फर्जी लोग टिक नहीं पाते
  • ब्लैकमेल की घटनाएँ कम होती हैं
  • प्रशासन कार्रवाई के लिए प्रेरित होता है

3. प्रमाण सुरक्षित रखने की आदत

यदि कोई व्यक्ति दबाव बनाता है:

  • कॉल/मैसेज का रिकॉर्ड रखें
  • पहचान और संस्था पूछें
  • बिना सत्यापन भुगतान न करें

4. ईमानदार पत्रकारों की रक्षा

फर्जी लोगों के खिलाफ आवाज उठाना असली पत्रकारों के सम्मान की रक्षा भी है।


पूरे देश के नागरिकों के नाम संदेश

NCRIB Foundation देश के हर नागरिक, व्यापारी, संस्था और युवा से अपील करता है:

  • डरें नहीं
  • जागरूक रहें
  • कानून पर भरोसा रखें
  • गलत के खिलाफ आवाज उठाएँ
  • बिना सत्यापन किसी को पैसा न दें

याद रखें:
जब लोग डरते हैं तो अपराधी बढ़ते हैं।
जब लोग जागते हैं तो अपराध रुकते हैं।


फर्जी मीडिया चलाने वालों के लिए स्पष्ट चेतावनी

जो भी व्यक्ति या समूह:

  • मीडिया का नाम लेकर
  • प्रेस की आड़ में
  • धमकी या दबाव बनाकर
  • आर्थिक लाभ लेने का प्रयास कर रहा है

उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि देश में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखना आसान है।
शिकायतें दर्ज हो रही हैं।
कानून ऐसे मामलों में कठोर है।

पत्रकारिता की आड़ में अवैध कार्य करना न केवल अनैतिक है बल्कि गंभीर अपराध भी है।


एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी

यह अभियान किसी व्यक्ति, संस्था या वैध पत्रकार के खिलाफ नहीं है।
यह अभियान उस प्रवृत्ति के खिलाफ है जो पत्रकारिता के नाम पर समाज को डराकर लाभ लेना चाहती है।

एक सुरक्षित और जागरूक भारत के लिए जरूरी है कि:

  • नागरिक जागरूक हों
  • संस्थाएँ सतर्क हों
  • मीडिया जिम्मेदार हो
  • कानून सक्रिय हो


निष्कर्ष

NCRIB Foundation पूरे देश में एक संदेश देना चाहता है:

“न डरें, न झुकें, न भुगतान करें।
सत्य, कानून और जागरूकता—यही सुरक्षा का मार्ग है।”

यदि समाज जागरूक रहेगा, तो फर्जी लोग स्वयं समाप्त हो जाएंगे और सच्ची पत्रकारिता मजबूत होगी।

जागरूक भारत – सुरक्षित भारत
NCRIB Foundation
All India Public Awareness Initiative

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